सुबह-सुबह छापेमारी से मचा हड़कंप, जेल से मिले संदिग्ध दस्तावेज
सीतामढ़ी। शुक्रवार की अहले सुबह उस समय हलचल तेज हो गई, जब मंडल कारा में भारी पुलिस बल के साथ औचक छापामारी की गई। डीएम रिची पांडेय और पुलिस एसपी अमित रंजन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने जेल प्रशासन और कैदियों के बीच हड़कंप मचा दिया। करीब तीन घंटे तक चली इस सघन तलाशी अभियान ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को रेखांकित किया।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को जेल के भीतर संदिग्ध गतिविधियों के संचालन की गुप्त सूचना मिली थी। इसी के आधार पर डीएम और एसपी ने संयुक्त रूप से छापामारी की योजना बनाई। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस बल ने एक साथ जेल के मुख्य गेट पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। अचानक हुई इस दबिश से जेल प्रहरियों को संभलने का मौका नहीं मिला।
हर वार्ड, अस्पताल और रसोईघर की जांच
छापामारी के दौरान पुलिस टीम ने जेल के पुरुष और महिला वार्डों के साथ-साथ अस्पताल और रसोईघर की भी बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान जेल परिसर के हर हिस्से को जांच के दायरे में लाया गया, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सामग्री को चिन्हित किया जा सके।
आठ पन्नों के दस्तावेज ने बढ़ाई चिंता
तलाशी के दौरान एक वार्ड से आठ पन्नों का हस्तलिखित संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुआ। एसपी अमित रंजन के अनुसार, इन पन्नों पर कई मोबाइल नंबर और कुछ आपत्तिजनक कोडवर्ड लिखे पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि जेल के भीतर से ही बाहरी नेटवर्क से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही थी।
कॉल डिटेल खंगालने की तैयारी
बरामद दस्तावेज के आधार पर पुलिस अब संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि जेल के भीतर से किन लोगों के साथ संपर्क स्थापित किया जा रहा था और इस नेटवर्क का दायरा कितना व्यापक है।
कुख्यात अपराधियों के स्थानांतरण की तैयारी
छापामारी के बाद एसपी अमित रंजन ने स्पष्ट किया कि जेल में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे कुख्यात अपराधी, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकते हैं, उन्हें जल्द ही राज्य के विभिन्न सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
जेल प्रशासन की भूमिका पर भी जांच के निर्देश
डीएम रिची पांडेय ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। यह सवाल उठ रहा है कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद संदिग्ध दस्तावेज जेल के वार्ड तक कैसे पहुंचा। प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि कहीं इसमें किसी जेल कर्मी की संलिप्तता तो नहीं है। फिलहाल, मंडल कारा की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।


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